अंश त्यागी और प्रशांत सोलंकी के निर्देशन में खेले गए नाटक
थिएटर फेस्टिवल 'रंग अभिनंदन के दूसरे दिन 'अदृश्य और 'अणिमा और लैला नाटक का मंचन
जयपुर ताम्हणकर थिएटर अकादमी जयपुर की ओर से आयोजित 'रंग अभिनंदन के दूसरे दिन युवा रंगकर्मियों ने मंच को यादगार बना दिया। गुरुवार को 'अदृश्य व 'अणिमा और लैला का मंचन किया गया। पहली प्रस्तुति युवा लेखक-निर्देशक अंश त्यागी के दल ने नाटक 'अदृश्य को प्रस्तुत किया। नाटक में दिखाया गया कि सत्य और झूठ को अनेक लोगों ने अपने-अपने तरीके से परिभाषित किया है , लेकिन सत्य क्या है? इसी सवाल को नाटक में बड़े रोचक अंदाज में दिखाया गया। दूसरी प्रस्तुति गौरी नायर द्वारा लिखित व प्रशांत सोलंकी द्वारा निर्देशित नाटक 'अणिमा और लैला की हुई। नाटक में दिखाया गया कि नारी को पूजनीय कहा गया है, लेकिन वास्तव में नारी को समाज में सम्मान प्राप्त है। पुरुष प्रधान समाज उसे उपभोग की वस्तु समझता है, उसे प्रताडि़त करता है और स्वयं का दुखद अंत स्वयं लिख लेता है। समारोह में हिमाचल प्रदेश के युवा रंगकर्मी रंजीत सिंह कंवर को रंगोपासक सम्मान दिया गया।
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